Mahashivratri: शिवरात्रि मनाने के पीछे क्या है मान्यता?

Mahashivratri कहते है कि भगवान् भोले पर जिसकी भी कृपा रहती है उसका जीवन पूरी तरह सफल और सुखमय हो जाता है. एसा ही है भोलेबाबा का आशीर्वाद. और जो भी भोलेनाथ की उपासना करना है उसके ऊपर भगवान् महांकाल की दया दृष्टि बनी रहती है.

Mahashivratri Belief

 
Mahashivratri
कहते है कि भगवान् भोले पर जिसकी भी कृपा रहती है उसका जीवन पूरी तरह सफल और सुखमय हो जाता है. एसा ही है भोलेबाबा का आशीर्वाद. और जो भी भोलेनाथ की उपासना करना है उसके ऊपर भगवान् महांकाल की दया दृष्टि बनी रहती है.
 
और काल भी उसका कुछ बिगाड़ नहीं सकता. कहते भी है न कि अकाल म्रत्यु वो मरे जो काम करे चंडाल का काल,भी उसका क्या बिगड़ेगा जो भक्त है महांकाल का”. ऐसे ही है हमारे महांकाल बाबा. कहते है कि भोले बाबा बड़े ही गुस्से वाले है और एक बार अगर उन्हें क्रोध आ जाए तो समझो प्रलय निश्चित है. लेकिन कहा जाता है कि भगवान् शंकर जितने गुस्से वाले है उतनी जल्दी वे अपने भक्तो की बात को सुन लेते है.
 
महिलाये और कुंवारी लड़कियां भगवान् भोलेनाथ का उपवास करती है. और मान्यता तो ये है कि कुंवारी लड़कियां भगवान् शंकर का उपवास एक अच्छे वर को प्राप्त करने के लिए करती है. कहते है कि भगवान् शिव का उपवास करने से कुआंरी लडकियों को अच्छे वर की प्राप्ति होती है. तो कुछ एसी है भगवान् शिव की महिमा.

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