Children Poetry in Hindi: ना दूध ना चाय बस दारु-सुट्टा…

Children Poetry in Hindi: ना दूध ना चाय बस दारु-सुट्टा…

        Children Poetry in Hindi       

दिल तो बच्चा है जी

ना दूध ना चाय माँगता है जी
उठतेसोतेबसदारुसुट्टामाँगताहैजी
चूँकि दिल तो बच्चा है जी |
Children Poetry in Hindi

       हर गलीदौराहेतिराहे और चौराह पर 
   गुजरती हुई कमसिन कुड़ियों को 
 पीछे से छेड़छाड़ करता है जी 
चूँकि दिल तो बच्चा है जी |
 
 सफ्ताह भर से वस्त्र नहीं बदले 
चार दिन से नहाए नहीं 
और दो दिन से गए नहीं जी 
चूँकि दिल तो बच्चा है जी |
 
नौकरी की कोई टेंशन ना जी 
एक लौते पिताजी पोलिटिक्स में नंबर वन जी
अंडरवर्ल्ड डोन बनने को मन चाहे जी 
चूँकि दिल तो बच्चा है जी |
 
बायफ्रेंड्स तो पोपुलेशन है जी
बस एक सोणीसी गर्लफ्रेंड चाहे जी
रब्बा मेल करा दे जी 
चूँकि दिल तो बच्चा है जी |
 
 

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