Hindi Poem: हाय तेरे होठों की लाली

Hindi Poem: हाय तेरे होठों की लाली

Hindi Poem on Lips And Lipsticks

तीर नयन के मारे थे,

हम पर कितने किये इशारे थे,

कितने तुम्हारे चहिते,

कितने तुम्हारे प्यारे थे,

उम्र थी वह बाली,

हाय ! तेरे होठों की लाली…

 

Hindi Poem

मन के आँगन में,
सपनो के दामन में,
खिले-खिले यौवन में,
लगती थी शराब की प्याली,
हाय ! तेरे होठों की लाली…
 
वो आँखों का नशिलापन,
हाथों में खनकते सतरंगी कंगन,
गोरे-गोरे गालों का गुलाबीपन,
और नाक पर बलखाती बाली,
हाय ! तेरे होठों की लाली…
 
चाल में तेरी वो लचीलापन,
यूँ उभरता हुआ तेरा गुलबदन,
उस पर पायलों की बजती छन-छन,
और वो अदा तेरी मतवाली,
कसम से लगती थी कच्ची कली,
हाय ! तेरे होठों की लाली…….!!!!

Read more interesting stuff…

Birthday wishes poem: Rum Pum ray…

Environment Day-ऐसा होगा मेरा कल

Leave a Reply

Your email address will not be published.