Holi Celebration Poetry: बुरा ना मानो होली है

Holi Celebration Poetry: बुरा ना मानो होली है

Holi Celebration Poetry

बुरा ना मानो होली है
देख रे भाई रामा,
चलेगा ना कोई ड्रामा,
होली का है हंगामा
शिला-मुन्नी-शालू-चिकनी-चमेली,
सब को रंग गुलाल लगाने का है,
भर-भर पिचकारी चलाने का है,
यह तो दस्तूर जमाने का है.
Holi Celebration Poetry










देख रे भाई रामा,
चलेगा ना कोई ड्रामा,
 होली का है हंगामा
गणपत-सर्किट-पप्पू-लिक्विड
सब का कपड़ा-शापड़ा फाड़ने का है,
गांजा-वांजा मारने का है,
तंदूरी-चिकन ताडने का है,
देख रे भाई रामा,
चलेगा ना कोई ड्रामा,
होली का है हंगामा
छोटा छतरी-गुरु-गुलाब खत्री,
रतन नुरा-छोटा डोन और जगीरा,
आज सब को गिले-शिकवे भुलाने का है,
मिलकर एक-दूजे को हग मारने का है,
देख रे भाई रामा,
चलेगा ना कोई ड्रामा,
होली का है हंगामा
स्कूल-कॉलेज-नौकरी-चाकरी,
सब को आज छुट्टी मारने का है,
पिंटू-चिंटू-चिंकी-पिंकी बंटी और बबली,
सब को आज बच्चा पार्टी मनाने का है,
देख रे भाई रामा,
चलेगा ना कोई ड्रामा,
होली का है हंगामा !
 
 

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