Rs 500 and 1000 note ban: मोरारजी के बाद मोदी सरकार का ऐतिहासिक फैसला

Rs 500 and 1000 note ban
Rs 500 and 1000 note ban
Rs 500 and 1000 note ban: मौजूदा सेंट्रल गवर्नमेंट ने एक साहसिक कदम उठाते हुए देश में कल यानी मंगलवार रात 12 बजे से 500 और 1000 रूपए के नोट बंद कर दिए है. इस अहम् फैसले की जानकारी खुद प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम संबोधन में दी.

Rs 500 and 1000 note ban

केंद्र सरकार ने यह त्वरित निर्णय काले धन और नकली नोटों पर लगाम लगाने के लिए लिया है. इस फैसले के चलते देश में कुछ लोग तो समर्थन में खड़े है और कुछ को नाराजगी है. ऐसा ही अहम् फैसला आज से 38 साल पहले मोरारजी देसाई सरकार ने लिया था और 1000 रूपए के नोटों को बंद कर दिया था.

 
चलिए जानते है कि इस फैसले से आम जनता पर क्या प्रभाव पड़ेगा और सरकार के इस फैसले से देश को क्या हानि या लाभ पहुंचेगा?
 
Ø  आज और कल दो दिन तक बैंक बंद रहेंगे.
Ø  10 नवम्बर से 30 दिसम्बर तक 500 और 1000 के नोट बैंक या डाकघर में बदल सकते है.
Ø  दो दिन के बाद सरकार 500 और 1000 के नए नोट लाएगी.
Ø  इस अहम् फैसले के साथ ही देश की 86 प्रतिशत करेंसी बाजार से हुई बाहर.
Ø  आने वाले अगले 2 दिन 14 प्रतिशत करेंसी से चलेगी देश की एकोनामी.
Ø  30 दिसम्बर के बाद अगर नोट जमा कराते है तो लिखित में कारण देना होगा.
Ø  ATM से एक दिन में दस हजार और सप्ताह में 20 हजार तक निकाल सकते है.
Ø  15 दिन में लगभग 60 हजार रूपए तक एक्सचेंज कर सकते है.
Ø  1 से 100 रूपए तक पहले की तरह चलन में रहेंगे.
Ø  रेलवे,सरकारी बस काउंटर,हॉस्पिटल,एयरपोर्ट एवं पेट्रोल पम्पों पर 500 और 1000 रूपए के नोटों से 11 नवम्बर की आधी रात तक खरीददारी होगी.
Ø  इसके साथ ही कोआपरेटिव स्टोर,सरकार अधिकृत दूध के बूथ, शवदाह गृहों पर भी पुराने नोट 11 नवम्बर की आधी रात तक चलेंगे.
Ø  आप एक दिन में मात्र 4000 रूपए तक 500 और 1000 के नोट बदल सकते है.
 
new Indian currency


नए नोटों की खासियत क्या होगी-

 
Ø  2000 के नोटों पर लगी होगी चिप और पीछे मंगलयान की फोटो होगी.
Ø  सैटेलाइट सिग्नल से 120 मीटर जमीन के अन्दर भी नोट का पता चल जाएगा.
Ø  जीपीएस चिप केवल नोट को नष्ट करके ही निकाली जा सकती है.
Ø  यह चिप पॉवर सिग्नल रिफ्लेक्टर की तरह काम करेगा.
 

आम जनता को होगी यह परेशानियाँ-

 
Ø  जनता के दैनिक कार्य प्रभावित होंगे.
Ø  देव उठनी ग्यारस से शादियाँ शुरू हो रही है, ऐसे में धन की कमी आएगी.
Ø  ग्यारस के दिन लगभग 40 हजार शादियाँ है.
Ø  कारखानों और फक्टोरियों के मालिको ने सैलरी देने के लिए धन निकाल रखा है.
Ø  कुल मिलाकर आम जनता की परीक्षा की घड़ी है.
 
इस फैसले से देश में कुछ न कुछ तो नया जरुर होगा, मतलब परिवर्तन ही प्रकृति का नियम है.        
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