PM modi Deeply saddened by the demise of Dr. MS Swaminathan

हरित क्रांति के जनक MS Swaminathan नहीं रहे, पीएम मोदी ने किया दुःख व्यक्त

Scientist MS Swaminathan Demise: भारत के प्रसिद्द कृषि वैज्ञानिक और भारत के हरित क्रांति के जनक एमएस स्वामीनाथन के निधन पर पीएम मोदी ने ट्विट्टर पर दुःख व्यक्त किया. स्वामीनाथन का आज लम्बी बीमारी के चलते देहांत हो गया.

Scientist MS Swaminathan Demise: हरित क्रांति के जनक एमएस स्वामीनाथन के देहांत पर पीएम नरेन्द्र मोदी ने ट्विटर पर दुःख व्यक्त करते हुए लिखा- “डॉ. एमएस स्वामीनाथन जी के निधन से गहरा दुख हुआ. हमारे देश के इतिहास के एक बहुत ही महत्वपूर्ण समय में, कृषि में उनके अभूतपूर्व कार्य ने लाखों लोगों के जीवन को बदल दिया और हमारे देश के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की.”

Scientist MS Swaminathan Death पर पीएम मोदी ने किया दुःख व्यक्त

दिवंगत स्वामीनाथन देश के सबसे मशहूर कृषि वैज्ञानिक थे. देश में उनको दूरदर्शी वैज्ञानिक और फादर ऑफ ग्रीन रेवोल्यूशन के नाम से भी जाना जाता है.
स्वामीनाथन ऐसे वैज्ञानिक थे, जिन्होंने किसानों पर एक रिपोर्ट (MS Swaminathan Report) बनाई थी. उनकी इस किसान हित रिपोर्ट पर सालों तक राजनीति होती रही. लेकिन किसानों को इससे किसी प्रकार का कोई फायदा नहीं हुआ.

Scientist MS Swaminathan का जीवन परिचय

कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन का पूरा नाम मनकोम्बु संबाशिवन स्वामीनाथन है. माननीय स्वामिनाथन का जन्म 7 अगस्त 1925 को तमिलनाडु के कुंभकोणम नामक स्थान पर हुआ था. उन्होंने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा वहीं से अर्जित कि थी. उनके पिताजी का नाम एमके सांबसिवन है और वे एक मेडिकल डॉक्टर थे और उनकी माताजी पार्वती थंगम्मल थीं.

तिरुवनंतपुरम यूनिवर्सिटी कॉलेज से स्नातक करने के बाद आगे की पढाई कोयंबटूर के कृषि कॉलेज (तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय) से की थी.

उन्होंने कृषि मंत्री सुब्रमण्यम और जगजीवन राम के साथ मिलकर देश में हरित क्रांति की शुरुआत कि थी. हरित क्रांति एक ऐसा प्रयास था जिसमें कैमिकल-जैविक तकनीक का उपयोग हुआ. इससे धान और गेहूं के उत्पादन में भारी मात्रा में इजाफ़ा लाने का मार्ग मजबूत हुआ.

पुरस्कार और सम्मान

सन 1987 में स्वामीनाथन को कृषि क्षेत्र में नोबल पुरस्कार कहे जाने वाला प्रथम खाद्य पुरस्कार मिला था. इसके साथ ही उन्हें पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण आदि पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया था. आपको बता दे कि श्री स्वामीनाथन को कृषि के क्षेत्र में 40 से ज्यादा पुरस्कार मिले थे.

प्रमुख पद और कार्यकाल

अपने कार्यकाल के दौरान स्वामीनाथन ने कई प्रमुख पदों पर रहते हुए अहम् कार्य किए. वे 1961-1972 तक भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के निदेशक रहे. इसके बाद उन्होंने 1972-1979 तक आईसीआर के महानिदेशक और कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के सचिव पद पर कार्य किया. फिर उन्हें 1979-80 तक कृषि मंत्रालय के प्रधान सचिव के पद को संभाला.

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