Deep Love Poem: काश, की मेरे सिने में भी दिल होता

Views: 94
0 0
Read Time:52 Second

काश, की मेरे सिने में भी दिल होता,

मेरे ना सही, किसी और के सिने में धड़कता,

उसके एहसासों का मनचला मंज़र,

यूँ मेरी साँसों की लहरों से गुजरता,

वो आंहें भरती तन्हाई में और

मुझे उसकी महफ़िल का खुमार होता,

काश, की मेरे सिने में भी दिल होता…!

Deep Love Poem

वो सोती मेरे ख्यालों की सेज पर,
उसके ख्वाबों का कारवाँ मेरी आँखों में होता,
काली-काली घनेरी घनघोर रातों में,
प्यार भरी रोशनी से रोशन सिलसिला होता,
काश, की मेरे सिने में भी दिल होता…! 

Read more interesting stuff…

Forbidden Love Poem: तू जिंदगी ना सही,तेरा एहसास…

Romantic Thirst Poetry: जाने किस बरसात,बुझेगी मेरी प्यास

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Next Post

Forbidden Love Poem: तू जिंदगी ना सही,तेरा एहसास...

Thu Mar 1 , 2012
देखो फिर आँखों में नमी-सीछा गई है, वो सूरत जो आँखों से ओझल हुई नहीं कभी, वो यादें जो ख्यालों से दूर गई नहीं कभी, आज वो चुपके से फिर ख़्वाबों में आ गई है, Forbidden Love Poem ऐ खुदा जोन चाहा मैंने वही तुने मुझको दिया, जिसमे तुझको देखा […]
Forbidden Love Poem freaky funtoosh
बेमिसाल सेंचुरी: Top 10 Secrets about rishabh Pant | India vs England