Sun Rise Poetry: सिसकती साँसों से पूछो,मेरा क्या है?

Views: 78
0 0
Read Time:49 Second

Sun Rise Poetry in Hindi

सिसकती साँसों से पूछो,
वक्त का पहरा क्या है ?
रजनी लपेटे सफेदी में,
शशि में इतना,
गहरा क्या है?
है भान नभ के,
भानु प्रताप को,
लबों पे लालिमा लिए,
सवेरा क्या है?
क्यूँ गुलशन करता,
नाज इतना शुलों पे,
है एहसास गुलों को,
भंवरों का पहरा क्या है?
क्षितिज को साहिलों से मिलाती,
सागर पे लहराती,
सरगमसी लहरों का,
बसेरा क्या है?
माटी से माटी तक का सफ़र,
जानता है सिर्फ वो कुम्हार,
कि इस खोखले खिलौने का,
चेहरा क्या है?
Read more interesting stuff…

Life living poetry: ये साली ज़िन्दगी…

Lucky Donkey Poem: एक गधे की कहानी, कविता की जुबानी !

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Next Post

Lucky Donkey Poem: एक गधे की कहानी, कविता की जुबानी !

Fri Jan 29 , 2016
Lucky Donkey Poem in Hindi One day I saw a… गधा, He was fully wood… से लदा, I found very… विचित्र, When I saw this… चित्र, My heart came in… दया, And I near him…गया, I asked some words from…गधा, Why are you wood…से लदा?   He started a harmful… कहानी, That was liking…जानी-पहचानी, But […]
Lucky Donkey Poem in Hindi freaky funtoosh
बेमिसाल सेंचुरी: Top 10 Secrets about rishabh Pant | India vs England