Old Age Romantic Poetry in Hindi महज चेचिस पर ही झुर्रियों ने ली अंगड़ाई है महज हाड़-मांस में ही कल-पुर्जों की हुई घिसाई है बाखुदा मोहब्बत तो आज भी कतरे-कतरे में उफान पर है इस नामुराद जमाने ने हम पे बुड़ापे की सिल लगाईं है यूँ तो तज़ुर्बा जवानी का […]

बेमिसाल सेंचुरी: Top 10 Secrets about rishabh Pant | India vs England