परछाई,महबूबा यूँही नहीं तुम पर मरेगी

एक दिन परछाइयां जरुर बोलेगी, अनल बर्फ के आंसू जरुर घोलेगी, समीर को न गिला न शिकवा होगा, ना बदरिया का कोई सिलसिला होगा | जब ये कायनात डग–मग डोलेगी, फुर…