दादुर का दर्द

दादुर कहे आज उदर मे बड़ी उथल पुथल है,,,,, पत्तों पे लेटा टमी थामे दादुर बड़ा व्याकुल है,,,,,,,, नैना सातवे आसमान पर ख्यालों मे झूल है ,,,,,,, तन-बदन,अंग-अंग सारा यौवन…