दर्द का बाज़ार है,ज़ख्मो का व्यापार है

दर्द का बाज़ार है ,ज़ख्मो का व्यापार है बहते खून पसीने का मोल क्या यहाँ ? शराबों में डूबा हुआ गुले गुलजार है | रखैलों ने इज्जत का जिम्मा उठाया…