काश, की मेरे सिने में भी दिल होता, मेरे ना सही, किसी और के सिने में धड़कता, उसके एहसासों का मनचला मंज़र, यूँ मेरी साँसों की लहरों से गुजरता, वो आंहें भरती तन्हाई में और मुझे उसकी महफ़िल का खुमार होता, काश, की मेरे सिने में भी दिल होता…! Deep […]




Chief Editor

Arun Pancholi

Quick Links

Why It’s over for Kim and Pete?
Why It’s over for Kim and Pete?