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Painful Poetry in Hindi Freaky Funtoosh

Painful Poetry: जाने क्यूँ ये दर्द,मीठा-मीठा-सा लगता है

Painful Poetry in Hindi जाने क्यूँ ये दर्द, मीठा-मीठा -सा लगता है हर ज़ख्म पर कोई, मिश्री घोल रहा हो जैसे अपने ही आंसुओं पर, दरिया बन गई है ये आँखें हर नज़र में कोई शख्स,शबनम टटोल रहा हो जैसे […]

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Old Age Romantic Poetry freaky funtoosh

Old Age Romantic Poetry: महज चेचिस पर ही झुर्रियों ने ली…

Old Age Romantic Poetry in Hindi महज चेचिस पर ही झुर्रियों ने ली अंगड़ाई है महज हाड़-मांस में ही कल-पुर्जों की हुई घिसाई है बाखुदा मोहब्बत तो आज भी कतरे-कतरे में उफान पर है इस नामुराद जमाने ने हम पे […]

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