Love Affair Poetry Hindi

Love Affair Poetry In Hindi: सिसकती साँसों से पूछो

Love Affair Poetry In Hindi – सिसकती साँसों से पूछो,मेरा क्या है?     सिसकती साँसों से पूछो, वक्त का पहरा क्या है ? रजनी लपेटे सफेदी में, शशि में इतना, गहरा क्या है? है भान नभ के, भानु प्रताप को, लबों पे लालिमा लिए, सवेरा क्या है? क्यूँ गुलशन …

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Sun Rise Poetry: सिसकती साँसों से पूछो,मेरा क्या है?

Sun Rise Poetry in Hindi सिसकती साँसों से पूछो, वक्त का पहरा क्या है ? रजनी लपेटे सफेदी में, शशि में इतना, गहरा क्या है?   है भान नभ के, भानु प्रताप को, लबों पे लालिमा लिए, सवेरा क्या है? क्यूँ गुलशन करता, नाज इतना शुलों पे, है एहसास गुलों …

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