Crime Updates: देश में उन्नति या अवनति

Crime Updates: सच्चाई छुप नहीं सकती बनावट के झूटे उसुलों से और खुशबु आ नहीं सकती कागज़ के फूलों से, अर्थ और अनर्थ में महज़ यही फ़ासला इस दौरे-जहाँ का अमिट कटु सत्य है | वर्तमान परिवेश में देश और देशवासियों का रुख किस दिशा की और है यह एक विकट प्रश्न है |    ज्यादा गहराई में ना जाते हुए हम अपने देश की उन्नति और अवनति का विश्लेषण सतही स्तर पर करें तो पाते है कि हमारे चारों ओर सिर्फ बाबाजी का ठुल्लू ही विभिन्न प्रकार की गतिविधियों…

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