Forbidden Love Poem: तू जिंदगी ना सही,तेरा एहसास…

देखो फिर आँखों में नमी–सीछा गई है, वो सूरत जोआँखों से ओझल हुई नहीं कभी, वो यादें जो ख्यालों से दूर गई नहीं कभी, आज वो चुपके से फिर ख़्वाबों में आ गई है, Forbidden Love Poem ऐ खुदा जोन चाहा मैंने वही तुने मुझको दिया, जिसमे तुझको देखा मैंने वही तुने छीन लिया, शिकायत नहीं तुझसे ये इल्तजा रह गई है, जैसे जिन्दगी जहां अब थमी–सी रह गई है, बस जिन्दगी में उसकी कमी–सी रह गई है…Pancho   Read more interesting stuff… Romantic Thirst Poetry: जाने किस बरसात,बुझेगी मेरी…

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